भाषा - 2016 / Language - 2016

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हिन्‍दी - संस्‍कृत - English - छत्‍तीसगढ़ी
भाग-1
सामान्य हिन्दी
(Max. Marks : 50)
  1. स्वर और व्यंजन में अंतर स्पष्ट, कीजिए.

    उत्तर – स्वर गले से निकलने वाली ध्वनियां होती हैं. हिन्दी भाषा में स्वर हैं – अ, आ, इ, ई, उ, ऊ, ए, ऐ, ओ, औ, अं, अ: तथा ॐ. व्यंजन वे ध्वनियां होती हैं जिन्हें हम अपने होठों, जीभ, दांत अथवा तालू से स्वरों को बदलकर बनाते हैं. जैसे क, ख, ग, घ इत्यादि.
    1. निम्नालिखित शब्दों के दो-दो पर्यायवाची शब्द लिखिए
      1. गणेश = एकदंत, लंबोदर
      2. पक्षी = चिडि़या, खग
    2. निम्नलिखित शब्दों के विलोम शब्द लिखिए
      1. कठिन = आसान
      2. साध्य = असाध्य
      3. स्वर्ग = नर्क
      4. दण्ड = पुरस्कार
    3. निम्नलिखित शब्दों के शुध्द रूप लिखिए
      1. कवियित्री = कवयित्री
      2. उपरोक्त = उपर्युक्त
      3. पुर्वापर = पूर्वापर
      4. नीसा = निशा
    1. निम्नालिखित मुहावरों का अर्थ स्प्ष्ट‍ करते हुए उनका वाक्यों में प्रयोग कीजिए
      1. अंधे की लाठी = सहारा - माता पिता की मृत्यु के बाद उस मासूम बच्चे के लिए बड़ी बहन ही अन्धे की लाठी साबित हुई.
      2. आस्तीान का सांप = घोखेबाज़ – मोहन ने राम पर भरोसा किया पर उसने आस्तीन का सांप बनकर मोहन का सबकुछ छीन लिया.
      3. भीगी बिल्ली बनना = भयभीत हो जाना – पुलिस को देखकर चोर भीगी बिल्ली बन गया।
    2. निम्नलिखित लेकोक्तियों का अर्थ स्प्ष्ट‍ करते हुए उनका वाक्यों में प्रयोग कीजिए
      1. अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता = अकेले कोई बड़ा काम नहीं कर सकता - भ्रष्टाचार के विरुध्द लड़ाई में सबको साथ देना होगा, अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता.
      2. न रहेगा बांस न बाजेगी बांसुरी = मुसीबत को जड़ से समाप्त करना – यदि बच्चों को सिगरेट-बीड़ी पीने से रोकना है, तो इन्हें बेचने वालों को स्कूलों के पास दुकान ही न लगाने दें – न रहेगा बांस न बजेगी बांसुरी.
      3. आगे नाथ न पीछे पगहा = कोई जिम्मेदारी न होना – रमेश को बचत करने की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि उसके न आगे नाथ है न पीछे पगहा.
    1. निम्नालिखित शब्दों की संधि कीजिए
      1. महा + औदार्य = महौदार्य
      2. जगत् + ईश = जगदीश
      3. नि: + विकार = नि‍र्विकार
      4. सखी + आगमन = सख्यागगमन
    2. निम्न लिखित समास पदों का विग्रह कीजिए
      1. कमलनयन = कमल जैसे नयनो वाले हैं जो – अर्थात् भगवान विष्णु
      2. आजीवन = आ + जीवन अर्थात् सारा जीवन
      3. नीलकंठ = नीला है कंठ जिनका – अर्थात् भगवान शिव
      4. धनुर्बाण = धनुष और बाण
    3. निम्नदलिखित उपसर्गों से एक-एक शब्द का निर्माण कीजिए
      1. अति = अति + उत्तम - अत्युत्तम
      2. प्रति = प्रति + कार – प्रतिकार
      3. अनु = अनु + गमन – अनुगमन
      4. उप = उप + कार – उपकार
    4. निम्नलिखित शब्दों में अर्थ-भेद स्पष्ट‍ कीजिए
      1. नाड़ी - नारी = नाड़ी का अर्थ है नब्ज जो कलाई पकड़ने पर महसूस होती है; नारी का अर्थ है औरत
      2. हास - हृास = हास का अर्थ है हंसी; हृास का अर्थ है – कम होना
      3. निर्धन – निधन = निर्धन का अर्थ है जिसके पास धन न हो अर्थात् गरीब और निधन का अर्थ है मृत्यु हो जाना
    5. निम्निलिखित वाक्यांशों के लिए एक सटीक शब्द लिखिए
      1. जो मोक्ष की इच्छा रखता हो = मुमुक्षु
      2. प्रिय बोलने वाली स्त्री = प्रियंवदा
      3. ईश्वर में आस्था रखने वाला = आस्तिक
    1. निम्निलिखित शब्दों को तत्सम रूप में लिखिए
      1. आग = अग्नि
      2. भौंरा = भ्रमर
      3. दिया = दीपक
      4. बहिन = भगिनी
    2. निम्नललिखि‍त वाक्यों के शुध्द रूप लिखिए
      1. पांच रेल्वे के कर्मचारी पकड़े गए। = रेल्वे के पांच कर्मचारी पकड़े गए।
      2. उत्तम चरित्र निर्माण हमारे लक्ष्य होना चाहिए = उत्तम चरित्र निर्माण हमारा लक्ष्य होना चाहिए।
      3. एक फूलों की माला ले आइए। = फूलों की एक माला ले आइए।
      4. यहां पर कल एक लड़का और लड़की बैठी थी। = यहां पर कल एक लड़का और एक लड़की बैठे थे।
  2. निम्नलिखित गद्यांश का सार लगभग एक तिहाई शब्दों में लिखकर उसका उपयुक्त शीर्षक दीजिए

    यह संसार कायरों के लिए नहीं है। पलायन की चेष्टा मत करो। सफलता एवं असफलता की चिन्ता मत करो। पूर्ण निष्काम संकल्प मे आपने को लय कर दो और कर्तव्य करते रहो। समझ लो कि सिध्दि पाने के लिए जन्मी बुध्दि अपने आप को दृढ़ संकल्प में लय करके सतत कार्यरत रहनी है। जीवन संग्राम के मध्य डटे रहो। सुप्तावस्था में अथवा एक गुफा के भीरत तो कोई भी शान्त रह सकता है। कर्म के आवर्त और उन्मा‍द के बीच दृढ़ रहो और केन्द्र तक पहुंचो और यदि तुम केन्द्र पा गए, तो फिर तुम्हे कोई विचलित नहीं कर सकता। तब लाखों स्त्री-पुरुष दृढ़ संकल्प के अग्निमंत्र से दीक्षित होकर, ईश्‍वर के प्रति अटल विश्वास से शक्तिमान बनकर गरीबों, पतितों तथा दलितों के प्रति सहानुभूति से सिंह के समान साहसी बनकर इस सम्पूर्ण भारत देश में सर्वत्र उध्दार के संदेश का, सेवा के संदेश का, सामाजिक उत्थान के संदेश का, समानता के संदेश का प्रचार करते हुए विचरण करेंगे।

    उत्तर – बिना परिणाम की चिंता किए कर्म करो. कायर बन कर भागो मत. जीवन की कठिनाइयों से लडकर भी शान्ति से कार्य करो और केन्द्र तक पहुंचो. यदि तुम केन्द्र तक पहुंच गए तो तुम और तुम्हारे जैसे लाखों लोग दृढ़ संकल्प के साथ और ईश्वर में विश्वास करते हुए पिछड़ों का उध्दार करेंगे और देश और समाज के उत्थान का प्रचार करेंगे.

    शीर्षक – निष्काम कर्म का महत्व
  3. शिकायती पत्र किसे कहते हैंॽ इसकी विशेषताएं बताते हुए एक शिकायती पत्र का प्रारूप बनाइये जिसमें आप अपने क्षेत्र की समस्याओं और असुविधाओं की ओर ध्यान आकर्शित करते हुए क्षेत्र के संसद सदस्य को पत्र लिखकर उन्हे दूर करने का अनुरोध करें (अभ्यर्थियों पत्र लेखन में आपका नाम, अनुक्रमांक, पता और शहर का नाम इत्यादि लिखना मना है)

    उत्तर –

    प्रति,
    श्री ................
    संसद सदस्य.
    लोक सभा क्षेत्र ........
    विषय – क्षेत्र की समस्याओं के संबंध में.
    महोदय,
         इस पत्र के माध्यम से मैं आपका ध्यान क्षेत्र की महत्वगपूर्ण समस्या‍ओं की ओर आकर्षित करना चाहता हूं. इस समय क्षेत्र में पीने के पानी की बहुत वड़ी समस्या है. नगर पालिका व्दारा लोगों को 2 दिनों में केवल एक बार पानी दिया जा रहा है और वह भी केवल आधे घंटे के लिये. पानी के लिये अक्सर गलियों में लड़ाई-झगड़े होते रहते हैं. पानी की कमी के कारण लोगों को अक्सर टैंकर से पानी मंगाना पड़ता है जो काफी महंगा होता है. इसके अतिरिक्त शहर में गंदगी भी बहुत हो गई है. जगह-जगह घूरे पड़े हुए हैं जिससे बीमारियां भी फैल रही हैं. पानी की कमी और सफाई के लिये तत्काल ही कुछ करना आवश्यक है. मुझे आशा है कि आप अपने व्यस्त कार्यक्रम में से कुछ समय निकाल कर शीघ्र ही शहर का दौरा करेंगे जिससे आप यहां की दुदर्शा को स्व्यं अपनी आखों से देख सकें. कृपया नगर निगम के अधिकारियों को यहां की व्यावस्था सुधारने के लिये उचित निर्देश देने का कष्ट करें. इस क्षेत्र के नागरिक सदैव अनुग्रहीत रहेंगे.

    सादर,
    भवदीय,
    (          )




    1. आधुनिक काल का निम्नलिखित काल-विभाजन किस साहित्यकार ने किया हैॽ

      क) पुर्नजागरण काल (भारतेन्दुकाल) 1857-1900 ई.
      ख) जागरण- सुधार काल (व्दिवेदी युग) 1900-1918 ई.
      ग) छायावाद काल 1918- 1938 ई.
      घ) छायावादोत्तर काल –
           (अ) प्रगति-प्रयोगकाल 1938-1953 ई.
           (आ) नवलेखन काल 1953 ई से अबतक

      क) हजारी प्रसाद व्दिवेदी ख) रामकुमार वर्मा ग) डा. गणपतिचंद्र गुप्त घ) श्याम सुंदर दास

      उत्तर - - ग) डा. गणपतिचंद्र गुप्त
    2. रीतिकाल को श्रंगारकाल किसने कहा है ॽ

      क) रामचन्द्र शुक्ल ख) विश्वानाथ प्रसाद मिश्र ग) विश्वनाथ प्रसाद तिवारी घ) महावीर प्रसाद व्दिवेदी

      उत्तर - ख) विश्वनाथ प्रसाद मिश्र
    3. निम्नलिखित रचनाएं छत्तीसगढ़ के किन रचनाकारों की हैं ॽ

      क) टोकरी भर मिट्टी = माधवराव सप्रे
      ख) दियना के अंजोर = शिवशंकर शुक्ल
      ग) राम औ केवट संग्रह = पं. व्दारिका प्रसाद तिवारी विप्र
      घ) कलिकाल = पं. लोचन प्रसाद पाण्डेय
भाग-2
सामान्य संस्‍कृत
(Max. Marks : 50)
  1. अधोलिखि‍त गद्यांश पठित्वान प्रश्नान् उत्तरत।

    सतां संगति: सत्संगतिरित्यभिधीयते। सत्सं गत्या नीचोऽपि गुणगौरवं धत्ते। पद्मपत्रस्थितं सलिलं मुक्ताफलाभां धत्ते। विष्णुदहस्तगत: शंखस्त्रिभुवने महिमानम् आसादयति। मलयाचलसुरभिणा तत्रस्थं काष्ठतजातमपि चन्दनायते। तद्वत् सज्जनासंगत्या दुर्जनोऽपि सज्जनायते। सज्जनसंगति यथा शांतितनुते, न तथा सुधांशुरपि। न केवलं सज्जनानां संगतिरेव, अपि तु तेषां दर्शनेनैव दुरितात्यय: पापविनाशनं च भवति।

    सत्संगति किमभिधीयतेॽ
    उत्ततर - सतां संगति: सत्संगतिरित्यभिधीयते।

    सत्संगत्याम क: गुणगौरवं धत्तेॽ
    उत्तर - सत्सं गत्यां नीचोऽपि गुणगौरवं धत्ते।

    मलयाचल सुरभिणा किं चन्दनायतेॽ
    उत्तर - मलयाचलसुरभिणा तत्रस्थतं काष्ठऽजातमपि चन्द‍नायते।

    विष्णुहस्तगत: शंख कुत्र महिमानम् आसादयतिॽ
    उत्तर - विष्णुखहस्तागत: शंखस्त्रिभुवने महिमानम् आसादयति।

    केषां दर्शनेन पापविनाशनं भवतिॽ
    उत्तर - सज्जनानां दर्शनेनैव पापविनाशनं भवति।

  2. केषान्चिच्चतुर्णा सन्धिनविच्छेदं विधाय सन्धे: नाम: लिखत।
    1. प्रत्येक: = प्रति + एक – यण संधि
    2. रामश्चिनोति = रामस् + चिनोति – व्यंजन संधि
    3. जगदीश: = जगत् + ईश: - व्यंजन संधि
    4. सूर्योदय: = सूय + उदय: - गुण संधि
    5. श्रीश: = श्री + ईश: - दीर्घ संधि
    6. मनोरथ: = मन: + रथ: - विसर्ग संधि
    7. लक्ष्मीयच्छाया = लक्षमी + छाया – व्यंजन संधि
  3. केषन्चिच्चीतुर्णा संधिं विधाय सन्धेथ: नाम लिखत।
    1. उत् + श्रंखल: = उच्श्रंखल – व्यंजन संधि
    2. इति + आदि = इत्यादि – यण संधि
    3. तद् + हितम = तध्दितम् – व्यंजन संधि
    4. ने + अनम् = नयनम – अयादि संधि
    5. लृ + अकारं = लृकारं – यण संधि
    6. कस्मिन् + चित् = कस्मिंश्चि‍त् – व्यंजन संधि
    7. अन्तर् + राष्ट्रीय: = अन्तर्राष्ट्रीय – व्यंजन संधि
  4. केषान्चिच्चितूर्णा पदानां समासविग्रहं कृत्वा समासस्य नाम लिखत।
    1. निर्जनम् = जनानामभाव: - अव्यययी भाव समास
    2. अध्यात्मनम् = आत्मासनि इति आध्यात्मम् – अव्ययी भाव समास
    3. त्रिरात्रम् = त्रयानां रात्रीनां समाहार: - व्दिगु समास
    4. व्दियमुनम् = व्दयो: मुनयो: समाहार: - व्दिगु समास
    5. महर्षि: = महान् चअसौ ऋषि: - कर्मधारय समास
    6. वृध्दव्याघ्र: = वृध्द व्याघ्र – कर्मधारराय समास
    7. चक्रपाणि: = चक्र पाणौ यस्य स: - बहुब्रीहि समास
  5. केषान्चिच्चितूर्णा समासं कृत्वा समासस्य नाम लिखत।
    1. हिमस्य अत्‍यय: = अतिहिमम् - अव्यययी भाव समास
    2. कूपं पतित: = कूपपतित: - व्दितिया तत्पुरुष समास
    3. ईशश्च कृष्णश्च = ईशकृष्णौ - व्दंव्द समास
    4. चतुर्णां युगानां समाहार: = चतुरयुगम् – व्दिगु समास
    5. शोभना ग्रीवा यस्य, स: = सुग्रीवां – बहुब्रीहि समास
    6. निष्क्रांत: कौशाम्‍बया: = र्निकौशाम्‍बी – पंचमी तत्‍पुरुष समास
    7. अविद्यमान: पुत्र यस्य, स: = अपुत्र: - बहुब्रीहि समास
  6. अधोलिखि‍तस्यं गद्यांशस्य संसकृतभाषया अनुवादो विधेय:।

    संसार में कुछ लोग खाने के लिए जीते हैं और कुछ जीने के लिए खाते हैं। लेकिन सभी लोग सुख अवश्य चाहते हैं। सुख पाने के लिए आदमी श्रम करता है, धन कमाता है और यश भी पाना चाहता है। किन्तु् इन साधनो से आदमी आत्मसुख नहीं प्राप्त कर सकता। परोपकार ही सुख का व्दार है। प्राणियों की सेवा करके ही कोई अपना जीवन धन्य कर सकता है। वास्वत में, भारतीय संसकृति स्वार्थ में नहीं, परमार्थ में जीवन-यापन की शिक्षा देती है।

    उत्तर - संसारे केचन् जना: भोजनस्यकृते जीवन्ति तथा च केचन् जीवनस्य कृते खादन्ति परं सर्वे जना: सुखम् अवश्येमेव वांच्छनित. मानव सुखं प्राप्तुं श्रमं करोति, धनमर्जिति तथा च यशं च प्राप्तुम् इच्छति. परम् एतभ्य्: साधनेभ्‍य: मानव: आत्मसुखम् नैव प्राप्तुं शक्नोति. परोपकारे एव सुखस्य व्दारमस्ति. प्राणिनां सेवया एव मानव: स्वकीयं जीवनं धन्यं कृतुं शक्नोति. वस्तुतस्तु भारतीय-संस्कृति स्वार्थे नैव परमार्थे जीवनयापनास्य‍ शिक्षां प्रददाति.
  7. केषान्चिद अष्टवाक्यांनां वाच्यपरिवर्तनं क्रियताम्।
    1. हरिहरौ रामायणं पठत:. = हरिहराभ्यां रामायणं पठ्यते.
    2. पिपासितेन जलं पीयते. = पिपासित: जलं पिबति.
    3. आचार्य: शिष्यान् पाठयति. = आचार्येन शिष्या: पाठ्यते.
    4. अश्व: तृणं खादति. = अश्वेन तृणं खाद्यते.
    5. श्याम: पुष्पााणि आनयति. = श्यामेन पुष्पाणि आनीयते.
    6. श्रीकृष्णेन अर्जुन: उपदिश्यते. = श्रीकृष्‍ण: अर्जुन: उपदिशति
    7. भीष्मेण प्रतिज्ञा कृता. =भीष्‍म: प्रतिज्ञाम् अकरोत्
    8. माणवक: पन्थाजनं पृच्छति. = माणवकेन पन्था पृच्‍छयते.
    9. राष्ट्राध्यक्ष: शासनं करोति = राष्ट्राध्यक्षेण शासनं क्रि‍यते.
    10. नृपेण दरिद्राय धनं दीयते = नृप: दरिद्राय धनं ददाति.
    11. छात्रै: पुस्तकानि गृह्यन्ते =छात्रा: पुस्‍तकानि गृहणन्ति
  8. अधोनिखितेषु कोऽप्ये‍को निबन्ध: संसकृतभाषया शतदेषु लेखनीय:।
    1. आधुनिकयुगे संसकृतस्य प्रासंगिकता
    2. मम प्रियं पुस्तकम्
    3. योग: कर्मसु कौशलम्
    4. वसुधैव कुटुम्बकम्
    उत्तर

    आधुनिकयुगे संसकृतस्य प्रासंगिकता

    भाषया: प्राच्जलनम: प्रौढ़नाया: विशुध्दया: संस्कृतस्य ज्ञानम् आतीव आवश्यकम्. कस्यापि भाषाया: समृध्दयर्थ संसकृते व्याकरणस्य‍ बोध: समीचीनो अस्ति । विशेषत: स्व्जन: सकलं शकल्ल्च सकृत शकृतचअति शब्दानां उच्चारणे उच्चारण स्थानस्य ज्ञानं विशुहम स्यात् इति ज्ञानं संस्कृतमेव निहितम् । संस्कृत व्यायकरणं भाषाया: शुध्दं अशुध्दं वा आवबोधयति । शब्दानामं असंग्धिनानं व्यांकरणनेन संभावति । संस्काराणानां मूल्यानामच बोध: संस्कृतमेव निहित: । भारतवर्षे व्दे प्रतिष्ठे स्तय: । एका: संस्कृंत: एवं संस्कृतम् । सत्यम – दया – करुणा – सहानुभूति – परोपकारादीनां मूल्यानां ज्ञानं संस्कृतमेव निहितम् । शिक्षते स्वं व्यंजनात् उच्चारणादि विधि: यया सा शिक्षा। संस्कृतमेव अवलम्बितम् । साम्प्रति के काले संस्कृतस्यम प्रासंगिकता आवश्यकि ।

    मम प्रियं पुस्तमकम्

    मम प्रियम एतत् पुस्तकम् । एतत् तव पुस्तकम्. एतानि सर्वाणि पुस्तकानि सन्ति । मम पुस्तके चित्राणि सन्ति । एतानि चित्राणि मनोहराणि सन्ति । रमणीयनि चित्राणि रुचिकराणि सन्ति । सचित्रं पुस्कतम् मम अति प्रियम । पुस्तकानि मित्राणि सदृशानि भवन्ति । पुस्तकै: ज्ञानं लभ्य ते. मम पुस्तके सरस्वात्या मातु: । चित्रं अतीव मनोहरम्। मम संस्कृत पुस्तके बहुनि चित्राणि सन्ति ।

    योग: कर्मसु कौशलम्

    योग: मन: निर्मलतां प्रध्दाति । योग: कर्म प्रति स्फुसरतां ददाति । योग: चितस्य वृत्ते निरोधं करोति । योग: एकाग्रतां प्रददाति । योगेन कार्यं सिध्दि सम्भवति । योग: कार्यसिध्दौ सहायक: । योगेन चंचलता विरमति । योगेन मन: शान्ति प्रास्नोति । योगेन कठिनं कार्यं सरलं भवति । योगेन मन: प्रसन्नदत्वं चपूर्षभवति ।

    वसुधैव कुटुम्बकम्

    दार्शनिका: सत्यं प्रतिपदायन्ति यत – सुखस्य अनन्‍त्‍याय वसुधैव कुटुम्बकम् अस्ति । ते कुशला: भवन्ति । ते निरामया अस्ति । ते सुखिना भवन्ति ये परदुखेन दुखिन: भवन्ति । ते सर्व प्रास्नुमवन्ति । ये सर्वं भद्रं पश्यमन्ति। तत्र सुखी शान्तिं च भवति । ते सर्वदा सफलत्वं प्राप्नुवन्ति । ये सर्वं संसारं एकं कुटुम्बवत् अनुभवन्ति, ते भद्रप्रकषस्य नाम्ना अभिदीयते । सुठ्ठू प्रतिपादितम् – सर्वे भवन्तुं सुखिन: सर्वे सन्तु निरामया: सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद् दुखभाग्भवेत । वसुधैव कुटुम्‍बकम् इति भावना भवेत । उदात्र भावनाया: इति नम्ना अभिदीयते ।

Part -3
General English (Paper-1)
(Max. Marks : 50)
    1. Do as directed:
      1. He is badand she is good(supply adjectives)
      2. He went out whileit was raining. (Supply adverb)
      3. He was very poor andhe had to leave studies (supply conjunction)
      4. To keep yourself fit, you mustdo your work-outs. (choose must/may/ should/might)
    2. Use the following words in sentences of your own to make the meaning clear.
      1. Lazy - The lazy boy did not work.
      2. Direct – Direct route to Bhilai is via Kumhari.
    3. Make sentences of the following idioms to make the meaning clear.
      1. Bed of roses – Farming is backbreaking work. It is not a bed of roses.
      2. black and white – It is better to sign a contract and everything in black and white.
    4. Rearrange the following words to make meaningful sentences.
      1. as your yourself love neighbour – Love your neighbour as yourself.
      2. that gold is glitters all not – All that glitters is not gold.
    1. Correct the following sentences:
      1. Yesterday I go there – Yesterday I went there.
      2. Did your work properly – Do your work properly.
    2. Rearrange the letters to make meaningful words:
      1. hertom - mother
      2. eolv - love
    3. write the synonyms of the following words:
      1. Good – acceptable, nice
      2. Evil – wicked, hateful
    4. Write the antonym of the following words:
      1. Gentle – unkind, brutal
      2. Unfortunate - fortunate
    1. Fill in the blanks with suitable prepositions
      1. I am not aware ofthat
      2. Nagpur is famous fororanges
      3. He has been playing sincemorning
      4. The cat jumped overthe wall
    2. Fill in the blanks with the suitable tense form f the verbs given in brackets.
      1. They have made(make) some beautiful films (Use present perfect tense).
      2. It happened(happen) some years ago. (use past indefinite tense)
      3. He is working(work) in this office for a long time (use present continuous tense)
      4. The sun rises(rise) in the East. (Use present indefinite tense)
    3. Change the voice of the following sentences
      1. Who broke the window? – The window was broken by whom?
      2. Open the door? Let the door be opened.
      3. He eats an apple everyday. An apple is eaten by him everyday.
      4. They will make the bridge. The bridge will be made by them.
    4. Translate the following sentences into Hindi.
      1. “Who comes here?” said the soldier. – “यहां कौन आता हैॽ” सिपाही ने कहा.
      2. He realised his mistake. – उसने अपनी गलती समझ ली.
      3. The Bhadwad Gita is a holy book. – भगवद गीता एक पवित्र पुस्तक है.
      4. All girls have gone home. – सब लड़कियां घर चली गई हैं.
      5. Raipur is a beautiful city. – रायपुर एक सुंदर शहर है.
  1. Read the following passage and answer the questions that follow:

    One of our difficult problems is that of discipline. Society feels that it must control the citizen and shape his mind according to human values. But for young ones discipline is not necessary. For them, freedom is the permission to do what they want. But to do what is right and according to human values is discipline.

    What is our difficult problem? – Disciple is our difficult problem.
    What do the young ones feel? – Young ones feel that discipline is not necessary.
    What is freedom? – Freedom is the permission to do what one wants.
    What is discipline? – To do what is right and according to human values is discipline.
    Give a suitable title to this passage. – Discipline.
  2. Write a letter to the Mayor of your city suggesting some ways by which your city can be made more beautiful. (candidates should not mention their names, Roll No., Address and city name etc. anywhere in the letter)

    To
    Mr_________
    Mayor
    ______ city
    Subject: Suggestions to make the city more beautiful.

    Sir,
         I am writing to you to give you some suggestions to make our city more beautiful. In recent years our city is slowly getting converted into a concrete jungle. Greenery is necessary not only to beautification of the city but also to reduce pollution and supply much needed oxygen to the citizens. There is a big chunk of land in the middle of the city near Nehru Chowk which is presently being used only to dump garbage. If this place is converted into a garden, it will clean up the city, make it more beautiful and will also provide a place for children to play. I urge you to consider my suggestion and develop a garden in this garbage dump. I hope you will take all necessary action at the earliest.

    Thanking you in anticipation.

    With regards,

    Yours sincerely,

    (          )








  3. Make a précis of the following passage in about one third of the length of the given passage.

    If there is any land on this earth that can claim to be blessed by the holy powers, that has ‘karma’ as the principle of the people, that has humanity at its highest level – it is India. This is the land of the hermits where love and worship came before they went anywhere else. The Indians were the first to get the knowledge of mathematics. This is the land where river water is taken as holy water of Ganga that would cure so many ills. Here even stones are worshiped as gods and women are worshiped as mothers. No where in the other parts of the world is a woman given love and care as she is given in India.

    Only India is has holy powers, karma and highest level of humanity. It is land of love, worship and hermits. It was first to learn maths. Here holy river water of Ganga cures ills, stones are worshiped as gods and women as mothers and get love and care more than anywhere in the world.
    1. He works slowly butaccurately. ( supply the suitable conjunction)
    2. It would take verylong to finish this work (Supply the suitable adverb).
भाग-4
छत्तीसगढ़ी
(Max. Marks : 50)
  1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
    1. निम्नलिखित शब्दों के छत्तीसगढ़ी समानार्थी लिखिए:
      1. अगरबत्ती = उदबत्ती
      2. कमर = कनिहा
      3. मंडप = मड़वा
      4. मक्खन = लेवना
      5. रबी फसल = ओन्हारी
    2. निम्नलिखित छत्तीसगढ़ी शब्दों के हिन्दी समानार्थी लिखि‍ए:
      1. अगासदिया = आकाशदीप
      2. अरमपपई = पपीता
      3. घुघवा = उल्लू
      4. चुंदी = बाल
      5. छेरी = बकरी
    3. संबंध निरूपित कीजिए:

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