मापन


इस अध्याय की अधिकांश बातें कक्षा 6 में बताई जा चुकी हैं। उन्हें यहां दोहराने की आवश्यकता नही है। इसके संबंध में कक्षा 6 की विज्ञान संदर्शिका में मापन के अध्याय में पूरी जानकारी है। यहां पर केवल अनियमित आकार की वस्तुओं के मापन के संबंध में और अत्यंत छोटी वस्तुओं के मापन के संबंध में वर्णन है। इसका सरल तरीका यह है कि बहुत सारी एक समान छोटी वस्तुओं को एक साथ रखकर उनका माप कर लिया जाये और उस माप में वस्तुोओं की संख्या का भाग देकर एक वस्तु का माप निकाल लिया जाये। इस प्रकार निकाला गया माप औसत होने के कारण उस वस्तु का शुध्द माप न होकर लगभग माप होगा, परंतु हमारी साधारण दैनिक आवश्यकताओं के लिये यह माप काफी है। उदाहरण के लिये धागे की मोटाई का मापन करने के लिये धागे को एक स्केल पर लपेट कर लपेटे गए धागे का माप लिया जा सकता है, और उस माप को लपेटों की संख्या से भाग देकर धागे की औसत मोटाई निकाली जा सकती है। इसी प्रकार कागज़ की मोटाई का माप करने के लिये कागज़ की अनेक तह लगाकर उसकी मोटाई का माप लिया जा सकता है और उसे तहों कर संख्या से भाग देकर कागज़ की औसत मोटाई निकाली जा सकती है। किसी अनियमित आकृति का क्षेत्रफल निकालने के लिये हम उस आकृति पर ग्राफ पेपर की तरह चौखाने बना सकते हैं। जितने चौखाने पूरी तरह से आकृति के भीतर हैं उन्हें गिन लें। इसके बाद जो चौखाने आधे से अधिक आकृति भीतर हैं उनकी संख्या को जोड़ लें और जो आधे से कम आकृति के भीतर हैं उन्हें छोड़ दें। इस प्रकार आकृति का लगभग क्षेत्रफल निकाला जा सकता है। शुध्द मापन के लिये अधिक संवेदनशील उपकरणों का प्रयोग किया जाना आवश्यक है। सक्रू गेज आदि उपकरणों के नाम तो कक्षा 7 की पुस्तक में दिये गए हैं परंतु इनका विवरण नहीं दिया गया है, इसलिये हम भी अगली कक्षा के लिये इन्हें फिलहाल छोड़ देते हैं।

घनत्व हम यह पढ़ चुके हें कि पदार्थ के भीतर बहुत से छोटे-छोटे कण होते हैं। किसी वस्तु में पदार्थ की मात्रा को उसका द्रव्यमान कहा जाता है। जिस वस्तु में पदार्थ के कण जितने पास-पास होंगे उसमें पदार्थ की मात्रा उतनी ही अधिक होगी, अर्थात् उसका द्रव्यमान भी उतना ही अधिक होगा। द्रव्यमान को ग्राम, किलोग्राम आदि में मापा जाता है। यदि किसी पदार्थ के कण पास-पास हैं तो उसके प्रति इकाई आयतन में कणों की संख्या अधिक होगी और उसका प्रति इकाई आयतन में द्रव्यमान भी अधिक होगा। दूसरे शब्दों में कहें तो उस वस्तु में पदार्थ के कण अधिक घने हैं या फिर उस वस्तु का घनत्व अधिक है। जिस वस्तु में पदार्थ के कण दूर हैं उसका घनत्व कम होगा।

किसी वस्तु के घनत्व की गणना करने के लिये उसे तुला पर तौल कर उसका द्रव्यमान ज्ञात करें और फिर उसका आयतन ज्ञात करें। द्रव्यनमान को आयतन से भाग देने पर प्रति इकाई आयतन द्रव्यमान अर्थात् घनत्व ज्ञात होगा। घनत्व का मात्रक किलोग्राम प्रति घन मीटर है।

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