सजीव और निर्जीव


सजीव और निर्जीव में वर्गीकरण कराने के पूर्व हमें बच्चों को यह बताना होगा कि जीवन का अर्थ क्या है। हम बता सकते हैं कि – 

  • सजीव स्वयं गति कर सकते हैं उदाहरण के लिये हम एक स्थान से दूसरे स्थान पर जा सकते हैं। निर्जीव स्वयं गति नहीं कर सकते। उन्हें  एक स्थान से दूसरे स्थान पर कोई बाहरी बल लगाकर ले जाया जा सकता है। उदाहरण के लिये पत्थर जब तक हटाए नहीं जाये तब तक वे वहीं पड़े रहेंगे। यहां हमें यह भी बताना होगा कि बहुत से सजीव भी गति नहीं करते जैसे पेड़ पौधे अपने स्थान पर ही रहते हैं। यह भी बताना चाहिये कि यद्यपि पौधे एक स्थान से दूसरे स्थान पर नहीं जाते परंतु वे अन्य प्रकार की गति करते हैं। जैसे हरे पौधे प्रकाश की दिशा में बढ़ते हैं।

गतिविधि – एक छोटे गमले में मक्का या सेम का बीज बो दें और उसके उगने का इंतज़ार करें। जब पौधा उग आये तब एक जूते के डिब्बे  को नीचे दिये चित्र के अनुसार तैयार करें और फिर गमले को डिब्बे में रखकर डिब्बा  बंद कर दें। गमला डिब्बे में रखने के पहले उसमें पानी अवश्य डाल दें। इसके बाद डिब्बे को बाहर ऐसे हवादार स्थान पर रखें जहां प्रकाश भी पर्याप्त हो। 5-6 दिनों के बाद डिब्बे को खोलकर देखें। पौधा प्रकाश की दिशा में मुड़कर बढ़ा हुआ दिखाई देगा।


    
    

इसी प्रकार गतिविधि से यह भी दिखाया जा सकता है कि पौधों की शाखायें गुरुत्वाकर्षण के विपरीत बढ़ती हैं और जड़ें गुरुत्वाकर्षण की दिशा में बढ़ती हैं। एक गमले में सेम के बीज बो दें और पौधों को उगने दें। पौधों  के कुछ बड़ा हो जाने पर गमले को लिटाकर रख दें। कुछ दिन बाद आप बच्चों को दिखा सकते हैं कि सेम का पौधा टेढ़ा होकर ऊपर की ओर बढ़ रहा है और उसकी जड़ें टेढ़ी होकर नीचे की ओर बढ़ रही हैं।


  • सजीव धीरे-धीरे आकार में बढ़ते हैं। उदाहरण के लिये बच्चे धीरे-धीरे बढ़कर बड़े हो जाते हैं। निर्जीव का आकार नहीं बढ़ता है।

  • सजीव को भोजन की आवश्यकता होती है। पेड़-पौधे भी अपने भोजन के रूप में खाद और पानी लेते हैं और प्रकाश तथा रोशनी की सहयता से खाद पानी से अपना भोजन बना लेते हैं। निर्जीव को भोजन की आवश्यकता नहीं होती है।

  • सजीव सांस लेते हैं अर्थात हवा से अक्सीजन लेकर कार्बन-डाई-आक्साइड गैस छोड़ते हैं। यह उनके जीवित रहने के लिये आवश्यक है। निर्जीव सांस नहीं लेते हैं।


गतिविधि -  पौधे सांस लेते हैं यह दिखाने के लिये एक बड़ी से कांच की कटोरी लेकर उसमें एक बड़ी सी हरी पत्ती रखिये और फिर कटोरी को पानी से भर दीजिये। पत्ती को एक पथ्थर से दबा दें जिससे वह पानी में पूरी तरह डूबी रहे। इसके बाद इस कटोरी को कक्षा के बाहर धूप में रख दें। कुछ समय बाद आप बच्चों को दिखा सकते हें कि पत्‍ती  के ऊपर हवा के बबूले बन गये हैं। बच्चों को समझायें कि पत्ती हवा में घुली हुई अक्सीजन से सांस ले रही हैं और कार्बन-डाई-आक्साइड गैस बनाकर छोड़ रही है जो बबूलों के रूप में दिख रही है।


  • सजीव प्रजनन करते हैं, अर्थात अपने जैसे अन्य जीवों को जन्म देते हैं।

इस प्रकार सजीव और निर्जीव के अंतर समझाने के बाद हम बच्चों से आस पास की वस्तुओं का सजीव एवं निर्जीव में वर्गीकरण करने को कह सकते हैं। इसके साथ ही बच्चों  से प्रत्येक वस्तु के सजीव या निर्जीव में वर्गीकरण का कारण बताने को भी कहा जा सकता है।


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